एक जिला एक उत्पाद (ओ.डी.ओ.पी.)

एक जिला एक उत्पाद (ओ.डी.ओ.पी.) – सहरसा

मखाना (फॉक्सनट)

जिला: सहरसा | राज्य: बिहार

  1. कितने किसानों ने फसल की खेती की ?

    सहरसा का कुल क्षेत्रफल 27 वर्ग किमी है। बिहार भारत में मखाने के कुल उत्पादन का 85% से अधिक हिस्सा उत्पादित करने वाला प्रमुख राज्य है। मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा और कटिहार कुछ ऐसे जिले हैं जिनमें मखाने की खेती बहुतायत में की जाती है। सहरसा का अधिकतम तापमान 33.8 °C और न्यूनतम तापमान 8.80 °C है।

  2. जिले के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें

    यह कोसी नदी के पूर्वी भाग के पास स्थित है। सहरसा नाम संस्कृत शब्द ‘सहरसा’ से लिया गया है जिसका अर्थ है “खुशी से लदा हुआ”।

    सहरसा अपनी लीची और आम के लिए प्रसिद्ध है। 20वीं शताब्दी में सहरसा मुंगेर और भागलपुर जिले का एक हिस्सा था, जिसे 1 अप्रैल 1954 को स्वतंत्र जिला बनाया गया।

    सहरसा मिथिला क्षेत्र का हिस्सा है। यहाँ मुख्यतः हिंदी, मैथिली और अन्य स्थानीय बोलियाँ बोली जाती हैं।

    सहरसा जिले में श्री उग्रतारा मंदिर (महिषी), सूर्य मंदिर (कंदाहा), चंडिकास्थान, विराटपुर, रक्तकाली मंदिर तथा मत्स्यगंधा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं।

    सहरसा जिले में दो अनुमंडल हैं: सहरसा सदर और सिमरी बख्तियारपुर। जिले में 10 विकास खंड और 10 अंचल हैं।

  3. फसल या उत्पाद के बारे में जानकारी

    मखाना (फॉक्सनट) का वानस्पतिक नाम यूरीएल फेरोक्स (Euryale ferox) है। यह निम्फियासी (Nymphaeaceae) परिवार से संबंधित है। यह मूल रूप से पूर्वी एशिया का पौधा है।

    प्रति 100 ग्राम मखाने में 347 कैलोरी, 9.7 ग्राम प्रोटीन, 0.1 ग्राम वसा, 76.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 60 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। यह मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम से समृद्ध होता है। मखाने का अपना कोई विशिष्ट स्वाद नहीं होता है।

    यह एक बारहमासी जलीय पौधा है जो पानी में उगता है और इसमें चमकीले बैंगनी रंग के फूल होते हैं। मखाने के पौधे की पत्तियाँ बड़ी एवं गोल होती हैं और पत्ती का डंठल निचली सतह के मध्य से जुड़ा होता है। इसका तना, पत्तियाँ और फूल पानी की सतह पर तैरते हैं। यह एक खाद्य बीज है जिसे बीजों के माध्यम से ही प्रवर्धित किया जाता है। मखाने के बीज छोटे होते हैं और बड़े गुच्छों में उगते हैं।

  4. यह फसल या उत्पाद इस जिले में क्यों प्रसिद्ध है ?

    बिहार भारत में कुल मखाना उत्पादन का 85% से अधिक योगदान देता है। मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा और कटिहार प्रमुख उत्पादक जिले हैं। सहरसा की जलवायु और जलीय वातावरण मखाने की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है।

  5. फसल या उत्पाद किस चीज से बनाया या उपयोग किया जाता है ?

    मखाने का उपयोग दुनिया भर में विभिन्न व्यंजन और पारंपरिक औषधियाँ बनाने में किया जाता है। यह कच्चे और पके दोनों रूपों में खाने योग्य है। भारत में इसे मसालों और घी/तेल के साथ भूनकर स्नैक्स के रूप में व्यापक रूप से खाया जाता है। मखाने का इस्तेमाल स्वादिष्ट खीर बनाने के साथ-साथ कैंटोनीज़ सूप बनाने में भी होता है।

    आयुर्वेदिक और पारंपरिक चीनी दवाओं के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता है। मखाना रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने, वजन घटाने तथा हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक है। इसका सेवन सीमित एवं संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। अत्यधिक सेवन से एलर्जी या पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।

  6. इस फसल या उत्पाद को ओडीओपी योजना में शामिल करने के क्या कारण हैं ?

    सहरसा मखाने का प्रमुख उत्पादक केंद्र है। यहाँ से प्रसंस्कृत मखाना अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में निर्यात किया जाता है। प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख टन मखाना विभिन्न देशों को भेजा जाता है।

  7. जिले में फसल के लिए अनुकूल जलवायु, मिट्टी और उत्पादन क्षमता क्या है ?

    50% से 90% की सापेक्ष आर्द्रता और 100-250 मिमी वार्षिक वर्षा के साथ उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय जलवायु मखाने की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।

    उष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में तालाबों, दलदलों और आर्द्रभूमि जैसे स्थिर पानी में मखाना सबसे अच्छा पनपता है। तालाब की गहराई 4-6 फीट होनी चाहिए और उसमें हमेशा स्वच्छ पानी रुका रहना चाहिए। मखाने की खेती के लिए चयनित बीज रोगमुक्त और स्वस्थ होने चाहिए।

  8. फसल या उत्पाद से संबंधित घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों और उद्योगों की संख्या

    प्रमुख घरेलू उद्योग एवं ब्रांड:

    • कोशी मखाना
    • चारुलता मखाना इंडस्ट्रीज

    मखाना अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में निर्यात किया जाता है। प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख टन मखाना निर्यात किया जाता है।

  9. जिले में कौन सी फसलें उगाई जाती हैं ? और उनके नाम ?

    सहरसा जिले में उगाई जाने वाली अन्य मुख्य फसलें अलसी, दालें, आलू, आम, सरसों, चना और मक्का हैं।


ओ.डी.ओ.पी. टीम

अशोक कुमार दास
प्रोजेक्ट मैनेजर, डी.आई.सी. सहरसा
फ़ोन: 9006594847

नितेश कुमार
उद्योग विस्तार पदाधिकारी, डी.आई.सी. सहरसा
फ़ोन: 8804594295

क. ओ.डी.ओ.पी. सहरसा के लिए ऑफिसर इन-चार्ज (नोडल पदाधिकारी)

मुकेश कुमार
जनरल मैनेजर, डी.आई.सी., सहरसा
फ़ोन: 7320923256
ईमेल: GM.DICSHARS-BIH@GOV.IN

ख. ओ.डी.ओ.पी. के लिए हेल्पलाइन (नोडल ऑफिसर)

मुकेश कुमार
जनरल मैनेजर, डी.आई.सी., सहरसा
फ़ोन: 7320923256
ईमेल: GM.DICSHARS-BIH@GOV.IN

ग. शिकायत निवारण प्रभाग

ऑनलाइन पोर्टल:

https://lokshikayat.bihar.gov.in/

घ. अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं की सूची

सहरसा जिले के अधिकृत मखाना आपूर्तिकर्ताओं की सूची
आपूर्तिकर्ता का नाम संपर्क नंबर ईमेल आईडी
मो. शमशेर आलम 9006233055 mantu.nav20@gmail.com
पल्लवी भारती 7903914654 bhartipallavi3982@gmail.com
बैजनाथ राम 9708454885 baidyanath.cas9852@gmail.com
सुधाकर कुमार 6375487815 infosudhakarenterprises@gmail.com
उमेश कुमार साह 7255898911 umeshkumarsahnav10@gmail.com
मो. नौशाद 7903725532 mdnousad852123@gmail.com
वुशु सरूप 9431288269 vishnusahsaharsa1@gmail.com
संजय पासवान 7488933830 उपलब्ध नहीं
संजीत पासवान 7808842235 उपलब्ध नहीं
बबलू पासवान 9798005710 उपलब्ध नहीं

महत्वपूर्ण दस्तावेज़ एवं लिंक्स